हो सकता है जिन्दगी में एक रोज एसी शाम आएगी...
जिसने कभी तोडा था जाम वो लेकर मेरा जाम आएगी....
और हम भी मोहब्बत को बड़ी संजीदगी से लेते...
अगर इल्म होता कम्भख्त एक दिन जीने के काम आएगी....
और दरिया सा इश्क शायद ही कोई निभा सके....
जानते हुए समा लेता है लहर ,हमेसा होकर बदनाम आयेंगी.....
और शायद मौत से ज्यादा भरोसा तुझपर है मेरा
जनता हु मौत से पहेले तू लेकर आखरी सलाम आएगी.....
जिसने कभी तोडा था जाम वो लेकर मेरा जाम आएगी....
और हम भी मोहब्बत को बड़ी संजीदगी से लेते...
अगर इल्म होता कम्भख्त एक दिन जीने के काम आएगी....
और दरिया सा इश्क शायद ही कोई निभा सके....
जानते हुए समा लेता है लहर ,हमेसा होकर बदनाम आयेंगी.....
और शायद मौत से ज्यादा भरोसा तुझपर है मेरा
जनता हु मौत से पहेले तू लेकर आखरी सलाम आएगी.....
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