आँखों से देख कर भला कहा ऐतबार होता है
झूठ कहता है जो कहता ,सच में प्यार होता है
खुदा के रहम पर जिन्दा रहोगे तुम भला कब तक
भूल बेठे हो किरायेदार तो किरायेदार होता है
तुम्हारे पास अगर है फकने के लिए टुकड़े
जानवर तो क्या ,इंसान वफादार होता है
जब पत्ते भी हिलते हे खुदा के कहने पर
तो भला क्यों ये इंसान गुन्हेगार होता है....
झूठ कहता है जो कहता ,सच में प्यार होता है
खुदा के रहम पर जिन्दा रहोगे तुम भला कब तक
भूल बेठे हो किरायेदार तो किरायेदार होता है
तुम्हारे पास अगर है फकने के लिए टुकड़े
जानवर तो क्या ,इंसान वफादार होता है
जब पत्ते भी हिलते हे खुदा के कहने पर
तो भला क्यों ये इंसान गुन्हेगार होता है....
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