अब शादियो में सहनाई अच्छी नही लगती
बेवजह जो चले वो पुरवाई अच्छी नही लगती
और लिखते लिखते जो तुझ् तक ना जा पाये
मुझे वो कलम वो रोशनाई अच्छी नहीं लगती
उस एक नजर का कुसूर हैं सारा का सारा
अम्मा बाबा अब मुझे पढाई अच्छी नही लगती हैं
मेरे दिल के दिल का हशर बहुत दर्दनाक था
मुझे मोहब्बत से मिली जुदाई अच्छी नहीं लगती
एक वक्त मेरा साया तेरी हिफाजत किया करता था
अब तुम नही तो मुझे मेरी परछाई अच्छी नहीं लगती
जब देखता हु तडपते लाचार भूख से मरते इंसान
तो मुझे खुदा तेरी ये खुदाई अच्छी नहीं लगती
अब में बड़ा हो गया हु अब तो फ़िक्र छोड़ दो माँ
मुझे तुम्हारे चेहरे की ये रुसवाई अच्छी नही लगती
जबसे देखा हैं तुझे अश्को के दरिया को पीते
मुझे समुन्द्र तेरी गहराई अच्छी नहीं लगती......
बेवजह जो चले वो पुरवाई अच्छी नही लगती
और लिखते लिखते जो तुझ् तक ना जा पाये
मुझे वो कलम वो रोशनाई अच्छी नहीं लगती
उस एक नजर का कुसूर हैं सारा का सारा
अम्मा बाबा अब मुझे पढाई अच्छी नही लगती हैं
मेरे दिल के दिल का हशर बहुत दर्दनाक था
मुझे मोहब्बत से मिली जुदाई अच्छी नहीं लगती
एक वक्त मेरा साया तेरी हिफाजत किया करता था
अब तुम नही तो मुझे मेरी परछाई अच्छी नहीं लगती
जब देखता हु तडपते लाचार भूख से मरते इंसान
तो मुझे खुदा तेरी ये खुदाई अच्छी नहीं लगती
अब में बड़ा हो गया हु अब तो फ़िक्र छोड़ दो माँ
मुझे तुम्हारे चेहरे की ये रुसवाई अच्छी नही लगती
जबसे देखा हैं तुझे अश्को के दरिया को पीते
मुझे समुन्द्र तेरी गहराई अच्छी नहीं लगती......
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