Monday, 14 July 2014

याद आती हे

कही देखू कलि खिलते तुम्हारी याद आती है
कही दो पर अगर मिलते तुम्हारी याद आती है
तुम्हे जब याद करता हु तब नहीं आती लकिन
अगर देखू अश्क गिरते तुम्हारी याद आती है


जब भी में कभी सोया तुम्हारी याद आती है
अकेला पड के जब रोया तुम्हारी याद आती है
जब अपने साथ तब तो नहीं आती याद लकिन
अगर उस पल कही खोया तुम्हारी याद आती हे


कोई पूछे अगर हाल मेरा तुम्हारी याद आती है
जब ख्यालो ने हो घेरा तुम्हारी याद आती है
चलता रहू अगर यु ही नहीं आती याद लकिन
कही एक पल भी अगर ठहरा तुम्हारी याद आती है


जब जब भी दिल धडके ,तुम्हारी याद आती है
पलक बायी अगर फडके ,तुम्हारी याद आती है
बारिशो के मोसम नहीं आती याद लेकिन
अगर बिजली कही कड़के ,तुम्हारी याद आती है

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