तुम ही तुम नजर आओगे पास आकर तो देखो
पलक नम नही होंगी मुझे आजमाकर तो देखो
और कोंन कहता है इश्क दुबारा नहीं होता
एक बार किसी और से दिल लगाकर तो देखो
बड़ा सुकून मिलता हैं जिस्म से रूह तक
कभी अँधेरे के घर में दिया जलाकर तो देखो
तुम्हे खुदा बनना हैं , चलो में बनता हु
एक निवाला एक भूखे को खिलाकर तो देखो
हम सर कटाकर भी तुमसे अमन की उम्मीद रखते
कभी दोस्ती का हाथ तुम भी बढ़ाकर तो देखो
पलक नम नही होंगी मुझे आजमाकर तो देखो
और कोंन कहता है इश्क दुबारा नहीं होता
एक बार किसी और से दिल लगाकर तो देखो
बड़ा सुकून मिलता हैं जिस्म से रूह तक
कभी अँधेरे के घर में दिया जलाकर तो देखो
तुम्हे खुदा बनना हैं , चलो में बनता हु
एक निवाला एक भूखे को खिलाकर तो देखो
हम सर कटाकर भी तुमसे अमन की उम्मीद रखते
कभी दोस्ती का हाथ तुम भी बढ़ाकर तो देखो
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