Monday, 14 July 2014

मेरी कली ,तोड़ने आये हो , कांटा हु, हाथो में चुब जाऊंगा!

मेरी कली ,तोड़ने आये हो ,
कांटा हु, हाथो में चुब जाऊंगा!
कसुंगा तुमको में सारी उम्र 
पलकों में ही कही छुप जाऊंगा!
मेरी कली........

हथेली पर उसकी हैं नाम तेरा,
उसके दिल में मगर रहता हु में.....
मुस्कुराती वो होगी तुझे देखकर,
उसकी पलकों से हर पल बहता हु में.....
रोक सकते अगर ,रोक लेना मुझे
मेरा दिल जब करेगा में तब आऊंगा!
मेरी कली ,तोड़ने आये हो .......

सोचता होगा तू हैं वो तेरी मगर
तुझमे भी वो अक्सर मुझे ढूंढ़ती.....
उसके छोटे से दिल में दरार हैं जो
नाम लेकर हर पल मेरा चीखती......
आँखों पर पर्दा पड़ा है तेरी
एक न एक दिन वो हटाऊंगा
मेरी कली तोड़ने आये हो.....

सांसो की तरह संभाला जिसे,
एक लम्हे में केसे भला गेर हो....
छीन कर जा रहे हो रूह मेरी,
अब केसे न तुमसे मेरा बेर हो....
आज तुम ही मुझको तडपा रहे हो
पर सारी उम्र तुमको में तड़पाउँगा...

मेरी कली ,तोड़ने आये हो ,
कांटा हु, हाथो में चुब जाऊंगा!
कसुंगा तुमको में सारी उम्र
पलकों में ही कही छुप जाऊंगा!

कसुंगा तुमको में सारी उम्र 
पलकों में ही कही छुप जाऊंगा!
मेरी कली........

हथेली पर उसकी हैं नाम तेरा,
उसके दिल में मगर रहता हु में.....
मुस्कुराती वो होगी तुझे देखकर,
उसकी पलकों से हर पल बहता हु में.....
रोक सकते अगर ,रोक लेना मुझे
मेरा दिल जब करेगा में तब आऊंगा!
मेरी कली ,तोड़ने आये हो .......

सोचता होगा तू हैं वो तेरी मगर
तुझमे भी वो अक्सर मुझे ढूंढ़ती.....
उसके छोटे से दिल में दरार हैं जो
नाम लेकर हर पल मेरा चीखती......
आँखों पर पर्दा पड़ा है तेरी
एक न एक दिन वो हटाऊंगा
मेरी कली तोड़ने आये हो.....

सांसो की तरह संभाला जिसे,
एक लम्हे में केसे भला गेर हो....
छीन कर जा रहे हो रूह मेरी,
अब केसे न तुमसे मेरा बेर हो....
आज तुम ही मुझको तडपा रहे हो
पर सारी उम्र तुमको में तड़पाउँगा...

मेरी कली ,तोड़ने आये हो ,
कांटा हु, हाथो में चुब जाऊंगा!
कसुंगा तुमको में सारी उम्र
पलकों में ही कही छुप जाऊंगा!

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