भले तुम मशाल में जलते हुए अंगार रहने दो....
पर अब चिंगारियों में भी थोडा प्यार रहने दो.....
हर तरफ बस खून ही खून नजर आता हैं,
मेरे बच्चो के हाथ में भी हथियार रहने दो.......
दवा के नाम पर क्यों जहर खिलाते हो,
इससे अच्छा तो मुझे बीमार रहने दो...........
मेरा एक हाथ दुसरे हाथ का दुश्मन निकला,
अब मुझे तुम खुद से ही होशियार रहने दो.....
हमारा क्या हैं हमे जरुरत नहीं अदालत की,
कानून को तुम राजनीती का वफादार रहने दो......
पर अब चिंगारियों में भी थोडा प्यार रहने दो.....
हर तरफ बस खून ही खून नजर आता हैं,
मेरे बच्चो के हाथ में भी हथियार रहने दो.......
दवा के नाम पर क्यों जहर खिलाते हो,
इससे अच्छा तो मुझे बीमार रहने दो...........
मेरा एक हाथ दुसरे हाथ का दुश्मन निकला,
अब मुझे तुम खुद से ही होशियार रहने दो.....
हमारा क्या हैं हमे जरुरत नहीं अदालत की,
कानून को तुम राजनीती का वफादार रहने दो......
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