Friday, 9 August 2013

जुदा नहीं में तुमसे अगर सांसो में बसा लोगी
जब जब आंखे बंद करोगी अपने पास बुला लोगी

शीत लहर या बारिस या ताप्ति हुई दुपहरी हो
वक्त हुआ सहर का या राते घनी अँधेरी हो
पल झपकते ही में अन्ध्यारा बन जाऊंगा
आंशु बनकर तेरी चंचल आँखों में बस जाऊंगा

कब तक और केसी आखिर तुम मुझको बहा लोगी
जब जब आंखे बंद करोगी अपने पास बुला लोगी

अम्बर से धरा की देखो कितने मिलो की दुरी हे
तुम कहेती हो अगर हे इश्क तो मिलना बहुत जरुरी हे
तडपती धरा की देखो तुम वो केसे प्यास बुझाता हे
बुँदे बनकर गिरता हे और उसमे ही समां जाता हे

तुम भी अपने अन्दर झांको तो खुद में मुझको पा लोगी
जब जब आंखे बंद करोगी अपने पास बुला लोगी

जब भी मेरी याद आए तो मेरे घर पर जाना तुम
मेरी कमरे की सुनी छत और दीवारों से बतयाना तुम
अपना सारा दर्द उन्हें तुम बेखोफ बता देना
एक तस्वीर मेरी वहा उसे साइन से लगा लेना

ऐसा करके तुम मुझको अपने आगोश में छुपा लोगी
जब जब आंखे बंद करोगी अपने पास बुला लोगी

pavan rajput
Photo: जुदा नहीं में तुमसे अगर सांसो में बसा लोगी 
जब जब आंखे बंद करोगी अपने पास बुला लोगी 

शीत लहर या बारिस या ताप्ति हुई दुपहरी हो
वक्त हुआ सहर का या राते घनी अँधेरी हो
पल झपकते ही में अन्ध्यारा बन जाऊंगा
आंशु बनकर तेरी चंचल आँखों में बस जाऊंगा

कब तक और केसी आखिर तुम मुझको बहा लोगी
जब जब आंखे बंद करोगी अपने पास बुला लोगी 

अम्बर से धरा की देखो  कितने मिलो की दुरी हे
तुम कहेती हो अगर हे इश्क तो मिलना बहुत जरुरी हे
तडपती धरा  की  देखो तुम वो केसे प्यास बुझाता हे
बुँदे बनकर गिरता हे और उसमे ही समां जाता हे

तुम भी अपने अन्दर झांको तो खुद में मुझको पा लोगी
जब जब आंखे बंद करोगी अपने पास बुला लोगी 

जब भी मेरी याद आए तो मेरे घर पर जाना तुम
मेरी कमरे की सुनी छत और दीवारों से बतयाना तुम
अपना सारा दर्द उन्हें तुम बेखोफ बता देना 
एक तस्वीर मेरी वहा उसे साइन से लगा लेना 

ऐसा करके तुम मुझको अपने आगोश में छुपा लोगी 
जब जब आंखे बंद करोगी अपने पास बुला लोगी

pavan rajput

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