Friday, 9 August 2013

तेरे ख्वाबो में भरने अँधेरा 
देखो आया में बनके लुटेरा 
में लुटेरा... हा में हु लुटेरा......
जब से आया हु में तेरी जिंदगानी में 
पलके रहने लगी तबसे तेरी पानी में
तेरे चेहरे में बस रहती थी मोह्हबत
मेने लिखा हे बस हिज्र तेरी कहानी में

तेरी नफरत में देना तू बसेरा
देखो आया में बनके लुटेरा
में लुटेरा... हा में हु लुटेरा......

चंद लम्हों में तुझको इतना जाना
जेसे नाता हो तुझसे सदियों पुराना
उन सिसकियो को बंद कमरे में भरना
ताकि ताने ना कास पाए ये जमाना
तेरी सांसो पर डाला मेने डेरा
देखो आया में बनके लुटेरा
में लुटेरा... हा में हु लुटेरा......

दो जानो का बना हु में हथियारा
एक दिल तेरा ,एक दिल मेरा बेचारा
में अब जिन्दा बस एक लो की तरह
कोई करो दो अब आंधी को इशारा
ना हो अब मेरे लिए कभी सवेरा
देखो आया में बनके लुटेरा
में लुटेरा... हा में हु लुटेरा.....

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