Friday, 9 August 2013

तूने दिल तोडा कही का ना छोड़ा
तू ही बता क्या करू
केसे जिउ बिन में तेरे
तू ही बता क्या करू

आंखे भी मेरी नम हो गई हे
सासे भी चलना कम हो गई हे
केसे अब खुद को तुझसे जुदा करू
तू ही बता क्या करू
तूने दिल तोडा कही का ना छोड़ा
तू ही बता क्या करू

जिन्दा रहने की वजह नहीं हे
मरना भी कोई सजा नहीं हे
केसे अब खुद को जख्म अता करू
तू ही बता क्या करू
तूने दिल तोडा कही का ना छोड़ा
तू ही बता क्या करू

तेरा जो दिल थोडा दुखा हे
शयद ये मेरी सच्ची वफ़ा हे
पर अब में केसे किसी से वफ़ा करू
तू ही बता क्या करू
तूने दिल तोडा कही का ना छोड़ा
तू ही बता क्या करू

... पवन

No comments: