तलाश इश्क की कर रहा इस जहान में हो गया में गुम कही खुद की पहचान में
Friday, 13 January 2012
चिड जायेगा जमाना हमसे
दिल खोल क्र अपना जब सरे राज सुनेंगे
हर एक पन्ना पलट देंगे तुम्हारी किताब का कुछ यु
हस्ती हस्ती आँखों में अंशु छलक आएंगे
चिड जायेगा जमाना हमसे जब हम सच बतायंगे
सब बता उनको हम खुद भी थोडा
पछतयेंगे
और सामने आने पर आपके थोडा घब्रयंगे
पर हकीकत बाया करना भी लाजमी
हे
वरना हम आपको आज केसे आजमाएंगे
जब आपका नाम लेने से फेले हम मुस्कुरैगे
नाम लेकर थोडा
हम शेम
भी जायेंगे
तो सबको पाता चल जायगा हमारे
बारे me
फिर आप भी कुछ कहे
शर्मयंगे
फिर आपके घर आकार रिश्ते की बात चलेगे
और आप हमे देख घर
में जा चुप जायंगे
उस वक्त शर्मना भी लाजमी हे
वरना केसे हम अपने घर वालो को मनायंगे
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