Monday, 16 January 2012

मेरी आँखों में मेने देखा एक सपना सुहाना हे

मेरी आँखों में मेने देखा एक सपना सुहाना हे
एक सफल सम्रध और शक्तीशाली भारत देख बनाना हे
जहा कुछ चौधरी चरण सिंह से कुछ में हो मगल झलक
कुछ हो गांधी वादी तो कुछ हो बल गंगाधर तिलक
कुछ हो जो भगत राजगुरु सुखदेव के जेसे फासी पर चढ़ जाये
कुछ हो जो खुद की गोली खाकर भी आजाद कहलाये
कुछ हो भीमा भाई तो कुछ हो अन्ना हजारे
जो इस डूबती नोक को पानी से उभारे
कुछ हो अश्वाक तो कुछ राम प्रशाद बिस्मिल
कोई न बाते जात धर्म और न हो हम यु बुजदिल
सच नहीं हो सकता क्या ये बस यही मेरी निरासा हे
और मेरे देखेसपने की बस छोटी सी परिभासा हे
सबकी आँखों में अब अपने सपना मुझे सजाना हे
एक सफल सम्रध और शक्तीशाली भारत देख बनाना हे



कुछ हो झासी की रानी कुछ हो जेसे के इन्द्रा
उड़ा के रख दे जो दुमन के नानो की निंद्रा
कुछ हो राधा रानी से और कुछ हो जेसे सावित्री
कुछ थोड़ी सी निडर और कुछ पड़ती हो गायत्री
कुछ में गुण सीता से कुछ में कल्पना की कल्पना
खुद भी आगे रखे ओर देखे सहादत का सपना
कुछ हो जेसे अहिल्या और कुछ में कुछ में बेदी की शान
सब कुछ जाता हे तो जाये जा ना पाए ईमान

हो इसे हर नारी मेरे भारत की बस यही तो मेरे आशा हे
और मेरे देखे सपने की बस छोटी सी परिभासा हे
और नारी का अब अपने देश में मान बडाना हे
एक सफल सम्रध और शक्तीशाली भारत देख बनाना हे

अमीरी का गुमार ना हो और गरीबी का ना हो सताया
सब के पास हो सब कुछ और खुशियों को हो पाया
लड़े ना हम आपस में और पड़ोसी को भी समझी भाई
ना मारे कोई परिंदा और ना बने हम कसाई
किसी को गुन्हा करने ख्याल भी ना आये
जो कर ले वो जिन्दगी भर खुद ही पछताए
एक दूजे के लिए हो सबके दिल में करुना
देखे सब एक दूजे को खुश करना का सपना
समाज का हो जाये सुधर बस यही एक अभीलासा हे
और मेरे  देखे सपने की बस छोटी सी परिभासा हे
हर किसी को अब अपना बनाना हे
एक सफल सम्रध और शक्तीशाली भारत देख बनाना हे

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