वो वक्त और था ये और वक्त हे
जब आँखों में था मरहम अब दिल भी सख्त हे
वो वक्त और था ये और वक्त हे
बरसात में तो हमने भी कशतिया तेराई थी
शरारतो की हर जगह ही मस्तिया फेलाई थी
लड़ झगड़ कर भी हम फिर से हुआ करते थे एक
जुबा से गालिया देकर भी दिल से हुआ करते थे नेक
उस ज़माने में हर कोई मोहब्बत लुटाया करता था
देख लो आज यहाँ हर जगह राकफ्तो का तख़्त हे
वो वक्त और था ये और वक्त हे

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