कभी कभी जिन्दगी
में कुछ
अनोखी बाते
हो जाती
हे
बल नहीं जाता उसका बेसक रस्सी जल जाती हे
वो अपनी उम्र के हिसाब से जीने में दिक्कत मानता हे
जवानी की याद उसे हर पल तडपती हे
बल नहीं जाता उसका बेसक रस्सी जल जाती हे
वो अपनी उम्र के हिसाब से जीने में दिक्कत मानता हे
जवानी की याद उसे हर पल तडपती हे
वो दुसरो के
बुड्डा कहने
पर चिड
जाता हे
उन्हें मरता हे और उसके मुह से गली निकल जाती हे
कभी कभी जिन्दगी में कुछ अनोखी बाते हो जाती हे
बल नहीं जाता उसका बेसक रस्सी जल जाती हे
उन्हें मरता हे और उसके मुह से गली निकल जाती हे
कभी कभी जिन्दगी में कुछ अनोखी बाते हो जाती हे
बल नहीं जाता उसका बेसक रस्सी जल जाती हे
वो नहीं करता
अपनी उम्र
का लिहाज
देखता हे अब
भी खेलने
कूदने के
ख्वाब
वो खेल तो ले लेकिन अब उसकी हड्डिय जवाब दे जाती हे
वो खेल तो ले लेकिन अब उसकी हड्डिय जवाब दे जाती हे
कभी कभी जिन्दगी
में कुछ
अनोखी बाते
हो जाती
हे
बल नहीं जाता उसका बेसक रस्सी जल जाती हे
बल नहीं जाता उसका बेसक रस्सी जल जाती हे
नकली हे दात
उसके कवाब कहने की
हिरस करता हे
आजकल दल रोटी कहने में उसकी बतीसी निकल जाती हे
आजकल दल रोटी कहने में उसकी बतीसी निकल जाती हे
आखिरी पड़ाव पर बेठा
हे अपनी जिन्दगी के
देख बुदिया को उसकी अब भी नियत फिसल जाती हे
देख बुदिया को उसकी अब भी नियत फिसल जाती हे
बालो को क्र
काला मुझे इमरान वाली
रखता हे
बीडी पिता हे और उसको सिगार समझता हे
और धुआ नजाने कोन से अंदाज में उडाता हे
देख किसी हसीना को वो उसे पटाता हे
उसने नहीं मालूम के इस बुदापे में लड़की नहीं पट पाती हे
बीडी पिता हे और उसको सिगार समझता हे
और धुआ नजाने कोन से अंदाज में उडाता हे
देख किसी हसीना को वो उसे पटाता हे
उसने नहीं मालूम के इस बुदापे में लड़की नहीं पट पाती हे
कभी कभी जिन्दगी
में कुछ अनोखी बाते
हो जाती हे
बल नहीं जाता उसका बेसक रस्सी जल जाती हे
बल नहीं जाता उसका बेसक रस्सी जल जाती हे
पोता पोती का
होकर वो काम छिछोरे
करता हे
परेशान वो हसिनाओ को
श्याम सवेरे करता हे
शर्म नहीं अति
उसको डर का उसे
पता नहीं
अब तक शयद वो किसी के हटो से हे पिटा नहीं
अब तक शयद वो किसी के हटो से हे पिटा नहीं
हर अन उसका
बोल रहा अब दवाई
उसे चलती हे
कभी कभी जिन्दगी
में कुछ अनोखी बाते
हो जाती हे
बल नहीं जाता उसका बेसक रस्सी जल जाती हे
बल नहीं जाता उसका बेसक रस्सी जल जाती हे

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