Friday, 18 May 2012

satyamev jayate सत्यमेव जयते

सत्यमेव सत्यमेव सत्यमेव जयते
सत्यमेव सत्यमेव सत्यमेव जयते

जान बुझकर चूमी जिस माँ के लाल ने फासी
करता हु में नमन तुझको भगत सिंह सन्यासी
जिसने आजादी को  बनाया था अपनी दुल्हन
जो निकल पड़ा सर पर बाधे मोत का कफ़न
अच्छे लगते अगर वो कहते
सत्यमेव जयते
सत्यमेव सत्यमेव सत्यमेव जयते


जिनका ना हे सच से दूर दूर तक वास्ता
जो हस्ते सुनकर हम गरीबो की दस्ता
जिन्होंने पास किये संसद में एसे एसे बिल
जिनकी नहीं कोई तय भ्रस्ट होने की मंजिल
अब तो वो भी ना थकते कहते
 सत्यमेव जयते
सत्यमेव सत्यमेव सत्यमेव जयते


एक वो थे जो गए सच के चक्कर में मारे
बन्दूक के आगे चला अपनी  लाठी भी ना हारे
फिरंगियों को उड़ा ले गई आयी थी जब वो आंधी
सलाम हे तुझको मेरा मोहनदास करमचंद गाँधी
अच्छे लगते अगर वो कहते
सत्यमेव जयते
सत्यमेव सत्यमेव सत्यमेव जयते


जो अपने फायदे के लिए हाथ फेलाते हे
चुनाव आने पर झूठे वादे जो कर जाते हे
जिनको नहीं आयी कभी अपनी कुर्सी रास
सदा भुझाते जो दुसरे के कुओ से प्यास
अब तो वो भी ना थकते कहते
सत्यमेव जयते
सत्यमेव सत्यमेव सत्यमेव जयते



No comments: