Wednesday, 6 June 2012

दिल तो टुटा हे तेरी राहों में ऐ सनम

दिल तो टुटा हे तेरी राहों में सनम
 जुदा होके तुझसे  भला केसे जियेंगे हम
दिल तो टुटा हे तेरी राहों में सनम
अश्को को छुपाना मुझको नहीं आता
जख्म पोशीदा हे पर बड़ा ही सताता
पोछ दे आंशु वरना बदनाम हो जायगी
तेरी मेरी ये कहानी सरेआम हो जायगी
ना मिलेंगेतुझसे अब खातेहे कसम
दिल तो टुटा हे तेरी राहों में सनम


सुक्रिया कर मेरा के मेरी आह नहीं निकली
दर्द सुनाया करता हु पर वाह नहीं निकली
किसी ने पूछा क्या हुआ में हो गया गुमसुम
जख्म के लहू को मेने उन्हें बता दिया कुमकुम

तू होगी महफ़िल में हम ना रखेंगे कदम
दिल तो टुटा हे तेरी राहों में सनम


पोशीदा(जो दिखाई नादे)






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