यारो संग अब तक में खेला तेरे संग अब खेलूँगा
होली के बहाने में तुझको अपनी बाहों में ले लूँगा
पकडूँगा तुझ्जको को एसे कसकर अपनी बाहों में
यद् करगी मुझको जीवनभर बेसुद अपनी आहो में
मन होगा रंगम्ये मेरा जब भीगी तेरी अंगिया और चोली हे
तुम भी थोडा रंग लगा लो बुरा न मनो होली हे
रंग लगा दू तेरे चहेरे पर लाल गुलाबी या फिर नीला
बच कर रहना ओ गोरी तू कर ना दू कही तुझको गिला
इस सावन लेना हे बदला तुझसे पिछले सावन का
रंग दूंगा इतना के तू रंग छुड़ा ना पाए दामन का
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डरता ना हु में तुझसे साथ मेरे भी टोली हे
रंग लगा ले तू भी मुझको बुरा ना मानो होली हे
दुश्मन हे तू मेरा मुझको भी हे ये पता
पर सोच जरा इसमें होली के क्या हे खता
लगा थोडा गुलाल भूल जा सरे सिक्वे गिले
आ अब यारो की तरह गले हम भी मिले
लड़ना भिड़ना तो जीवन की आंख मिचोली हे
तुम भी थोडा रंग लगा लो बुरा ना मो होली हे
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